Kailash Mansarovar Yatra Route : की पूरी जानकारी हिंदी में। जानिए भारत से कैलाश मानसरोवर जाने के सभी मार्ग – लिपुलेख, नाथूला और नेपाल रूट, दूरी, समय, खर्च और जरूरी टिप्स।
कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू, बौद्ध, जैन और तिब्बती धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे पवित्र यात्राओं में से एक मानी जाती है। भगवान शिव का निवास माने जाने वाले कैलाश पर्वत और पवित्र मानसरोवर झील के दर्शन जीवन का एक अलौकिक अनुभव होते हैं।
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कैलाश मानसरोवर यात्रा – पर्यटक अस्वीकरण (Tourist Disclaimer)
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कैलाश मानसरोवर यात्रा एक कठिन, उच्च-ऊँचाई और जोखिम भरी यात्रा है। यात्री अपनी स्वयं की जिम्मेदारी पर यात्रा करें और यात्रा से पहले चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें।
हर साल हजारों श्रद्धालु यह जानना चाहते हैं कि Kailash Mansarovar Yatra Route कौन-सा है, भारत से कैलाश मानसरोवर कैसे जाएँ, कौन-सा मार्ग आसान है और किस रूट से कितना समय लगता है। इस लेख में हम आपको कैलाश मानसरोवर यात्रा के सभी प्रमुख मार्गों की विस्तार से जानकारी देंगे।
Kailash Mansarovar Yatra Route का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
हिंदू धर्म में महत्व
हिंदू मान्यताओं के अनुसार कैलाश पर्वत भगवान शिव और माता पार्वती का निवास स्थान है। माना जाता है कि यहाँ की परिक्रमा (कौरा) करने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं।
बौद्ध और जैन धर्म में महत्व
- बौद्ध धर्म में कैलाश को कांग रिनपोचे कहा जाता है
- जैन धर्म में इसे पहले तीर्थंकर ऋषभदेव की निर्वाण भूमि माना जाता है

Kailash Mansarovar Yatra Route के प्रमुख विकल्प
भारत से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए मुख्य रूप से 3 मार्ग प्रचलित हैं:
- लिपुलेख पास मार्ग (उत्तराखंड)
- नाथूला पास मार्ग (सिक्किम)
- नेपाल मार्ग (विदेशी और निजी यात्रियों के लिए लोकप्रिय)
1. लिपुलेख पास से कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग
लिपुलेख रूट का संक्षिप्त परिचय
लिपुलेख पास मार्ग सबसे पुराना और पारंपरिक भारतीय मार्ग है। यह मार्ग उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से होकर गुजरता है।
लिपुलेख मार्ग का पूरा रूट
दिल्ली → काठगोदाम → धारचूला → गुंजी → कालापानी → लिपुलेख पास → तिब्बत → मानसरोवर → कैलाश पर्वत
लिपुलेख रूट की खासियत
- धार्मिक दृष्टि से सबसे पवित्र मार्ग
- कठिन ट्रेकिंग (15–20 किमी प्रतिदिन)
- प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर
लिपुलेख मार्ग किसके लिए उपयुक्त?
- शारीरिक रूप से फिट यात्री
- साहसिक और ट्रेकिंग पसंद करने वाले श्रद्धालु
2. नाथूला पास से कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग
नाथूला रूट क्या है?
नाथूला पास मार्ग सिक्किम से होकर जाता है और यह सबसे आरामदायक भारतीय मार्ग माना जाता है।
नाथूला मार्ग का पूरा रूट
दिल्ली → गंगटोक → नाथूला पास → तिब्बत → मानसरोवर → कैलाश पर्वत
नाथूला रूट की विशेषताएँ
- बहुत कम पैदल यात्रा
- बुजुर्ग यात्रियों के लिए बेहतर
- सड़क मार्ग अधिक उपलब्ध
नाथूला मार्ग किसके लिए सही है?
- वरिष्ठ नागरिक
- कम ट्रेकिंग चाहने वाले यात्री
3. नेपाल के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग
नेपाल रूट का परिचय
नेपाल मार्ग निजी टूर ऑपरेटरों द्वारा संचालित किया जाता है और विदेशी नागरिकों में यह काफी लोकप्रिय है।
नेपाल मार्ग का रूट
काठमांडू → नेपालगंज / सिमिकोट → हिल्सा → तिब्बत → मानसरोवर → कैलाश
नेपाल रूट के फायदे
- कम समय में यात्रा
- हेलिकॉप्टर सुविधा उपलब्ध
- आरामदायक होटल और सेवाएँ
नेपाल रूट के नुकसान
- खर्च ज्यादा
- भारतीय सरकारी सब्सिडी उपलब्ध नहीं
Kailash Mansarovar Yatra Route में लगने वाला समय
| मार्ग | कुल समय |
|---|---|
| लिपुलेख पास | 22–25 दिन |
| नाथूला पास | 20–22 दिन |
| नेपाल रूट | 10–14 दिन |
कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जरूरी दस्तावेज
- वैध पासपोर्ट
- वीज़ा (चीन/तिब्बत)
- मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट
- यात्रा परमिट
- 2–4 पासपोर्ट साइज फोटो
कैलाश मानसरोवर यात्रा का अनुमानित खर्च
सरकारी यात्रा खर्च
- ₹2 लाख से ₹2.5 लाख (लगभग)
नेपाल रूट खर्च
- ₹3.5 लाख से ₹5 लाख (लगभग)
कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए बेस्ट समय
मई से सितंबर तक का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है।
जुलाई-अगस्त में मानसून के कारण मार्ग कठिन हो सकता है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा से पहले जरूरी टिप्स
- यात्रा से पहले फिजिकल ट्रेनिंग जरूर करें
- ऊँचाई से होने वाली बीमारी (AMS) के बारे में जानकारी रखें
- हल्का और जरूरी सामान ही साथ रखें
- डॉक्टर की सलाह जरूर लें
Kailash Mansarovar Yatra Route से जुड़े FAQs
Q1. कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सबसे आसान रूट कौन-सा है?
उत्तर: नाथूला पास मार्ग सबसे आसान और आरामदायक माना जाता है।
Q2. क्या बुजुर्ग लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा कर सकते हैं?
उत्तर: हाँ, नाथूला या नेपाल रूट बुजुर्गों के लिए बेहतर है।
Q3. कैलाश मानसरोवर यात्रा में कितनी पैदल यात्रा करनी पड़ती है?
उत्तर: लिपुलेख रूट में सबसे ज्यादा, नाथूला में बहुत कम।
Q4. क्या कैलाश पर्वत पर चढ़ने की अनुमति है?
उत्तर: नहीं, कैलाश पर्वत पर चढ़ना निषिद्ध है।
Q5. कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए मेडिकल टेस्ट जरूरी है?
उत्तर: हाँ, यह अनिवार्य है।
निष्कर्ष (Conclusion)
Kailash Mansarovar Yatra Route केवल एक यात्रा नहीं बल्कि आत्मा को शुद्ध करने वाला आध्यात्मिक अनुभव है। चाहे आप लिपुलेख पास से जाएँ, नाथूला पास से या नेपाल मार्ग चुनें — हर रास्ता अपने आप में अनोखा है। सही मार्ग का चुनाव आपकी शारीरिक क्षमता, समय और बजट पर निर्भर करता है।
| क्रम | यात्रा मार्ग (Route) | मुख्य रास्ता | कुल दूरी (लगभग KM) | मार्ग का प्रकार |
|---|---|---|---|---|
| 1 | Uttarakhand | दिल्ली → काठगोदाम → धारचूला → पिथौरागढ़ → गुंजी → लिपुलेख पास → मानसरोवर → कैलाश | 1200 – 1300 KM | सड़क + पैदल यात्रा |
| 2 | Delhi | दिल्ली → उत्तराखंड / सिक्किम / नेपाल → तिब्बत → मानसरोवर | 1200 – 1600 KM | सड़क + पैदल |
| 3 | Kailash Mansarovar Yatra Route in Hindi | भारत / नेपाल → तिब्बत → मानसरोवर → कैलाश परिक्रमा | लगभग 1300 KM | मिश्रित मार्ग |
| 4 | Sikkim | दिल्ली → गंगटोक → नाथूला पास → तिब्बत → मानसरोवर → कैलाश | 1500 – 1600 KM | सड़क मार्ग (कम पैदल) |
| 5 | Kathmandu | काठमांडू → नेपालगंज / सिमिकोट → हिल्सा → तिब्बत → मानसरोवर | 900 – 1000 KM | सड़क + हेलिकॉप्टर |
| 6 | Delhi | दिल्ली → उत्तराखंड / सिक्किम / नेपाल → तिब्बत | 1200 – 1600 KM | मार्ग पर निर्भर |
| 7 | Pithoragarh | पिथौरागढ़ → धारचूला → गुंजी → लिपुलेख पास → मानसरोवर | 450 – 500 KM | कठिन पैदल यात्रा |
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